प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूरसंचार और डिजिटल तकनीक के बढ़ते महत्व को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के तेजी से विस्तार के साथ सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए प्रभावी कदम जरूरी हैं।

प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने डीपफेक और साइबर धोखाधड़ी जैसी बढ़ती चुनौतियों का उल्लेख करते हुए इनसे निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर एक मजबूत ढांचा विकसित करने की जरूरत बताई।

डीपफेक और साइबर फ्रॉड से बढ़ी चुनौती

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल और दूरसंचार तकनीक का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में साइबर सुरक्षा को लेकर नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। डीपफेक तकनीक और साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए देशों को मिलकर काम करना होगा।

उन्होंने वैश्विक स्तर पर ऐसा सुरक्षा ढांचा विकसित करने पर जोर दिया, जो डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच नागरिकों और डिजिटल व्यवस्था को नए तरह के साइबर खतरों से सुरक्षित रखने में मदद कर सके।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा दूरसंचार क्षेत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का दूरसंचार क्षेत्र लगातार अधिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने डिजिटल परिवर्तन में डिजिटल इंडिया अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया के केंद्र में मोबाइल फोन को रखा गया है, ताकि डिजिटल विभाजन को कम किया जा सके और समाज के अधिक से अधिक लोगों तक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित हो।

हर जिले तक पहुंची 5G कनेक्टिविटी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में 5G कनेक्टिविटी अब देश के हर जिले तक पहुंच चुकी है। उन्होंने इसे देश के डिजिटल विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि तेज इंटरनेट और आधुनिक दूरसंचार सुविधाओं का विस्तार डिजिटल सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रहा है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *