पर्यावरण मंत्रालय ने दिल्ली सहित पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नए मसौदा नियमों का प्रस्ताव पेश किया है। नए प्रस्ताव के अनुसार, जिस खेत में पराली जलाने की घटना दर्ज की जाएगी, उस भूमि को घटना की तारीख से 15 महीने के लिए ‘खतरनाक श्रेणी’ (रेड कैटेगरी) में डाल दिया जाएगा। हालांकि, इस श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद किसान पर क्या कानूनी या व्यावहारिक प्रभाव पड़ेंगे, इसकी स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

बुधवार को जारी इस मसौदे में स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित भूमि पर दोबारा पराली जलाने का मामला सामने आता है या तय पर्यावरण मुआवजा (जुर्माना) जमा नहीं किया जाता है, तो यह ‘रेड कैटेगरी’ की अवधि अगले 15 महीनों के लिए और बढ़ा दी जाएगी।

सरकार ने पराली जलाने पर वर्ष 2023 की जुर्माने की दरों को यथावत रखा है:

  • दो एकड़ से कम भूमि: ₹5,000 जुर्माना

  • दो से पांच एकड़ के बीच भूमि: ₹10,000 जुर्माना

  • पांच एकड़ से अधिक भूमि: ₹30,000 जुर्माना

वसूले गए जुर्माने की राशि का उपयोग फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, बायोमास भंडारण व उपयोग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और फसल अवशेष प्रबंधन में शोध (R&D) के लिए किया जाएगा। सरकार ने इस नए प्रस्ताव पर 60 दिनों के भीतर आम जनता और हितधारकों से सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं।

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