भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने सोमवार को एशियन गेम्स 2026 में देश के लिए मेडल जीतने वाले सेना के खिलाड़ियों को सम्मानित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि देश इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों को हमेशा याद रखेगा और उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में ये एथलीट और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे. खिलाड़ियों को सम्मानित करने के बाद जनरल धीरज सेठ ने कहा कि जिस तरह सेना अटूट जज्बे के साथ देश की रक्षा करती है, उसी तरह इन खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और लगन से क्या कुछ हासिल किया जा सकता है. एशियाई या कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े स्तर पर मेडल जीतना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है.

इस सम्मान समारोह में एशियन गेम्स में शूटिंग में तीन मेडल जीतने वाली नीरू ढांडा ने कहा कि यह मेडल जीतना उनके लिए सौभाग्य की बात है और उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय भारतीय सेना के अनुशासन को दिया. नीरू ने बताया कि शूटिंग में खुद को शांत और एकाग्र रखना होता है, जो उन्होंने सेना में रहते हुए ही सीखा है. उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख हमेशा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं और खेल का आनंद लेते हुए देश के लिए शत-प्रतिशत योगदान देने की सलाह देते हैं.

एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले भारतीय रेसलर दीपक पूनिया ने कहा कि इस स्तर पर मेडल जीतना आसान नहीं होता है, और अब उनका मुख्य लक्ष्य 2028 के ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है. सेना प्रमुख से मिला सम्मान उनके अंदर सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा भर रहा है जो ओलंपिक तैयारियों में बहुत काम आएगा. इसके अलावा एशियन गेम्स में तीन मेडल जीतने वाले गुलवीर सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय लोगों की दुआओं और कोच के दिशा-निर्देशों को दिया, जबकि शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाले कमलजीत ने निरंतर अभ्यास को अपनी सफलता की कुंजी बताया. सेना प्रमुख ने सभी खिलाड़ियों को 2028 ओलंपिक में भी इसी तरह देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रोत्साहित किया है.

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