प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया द्वारा लिखित एक विशेष लेख साझा किया है। इस लेख में रेखांकित किया गया है कि भारत का शासन दृष्टिकोण अब केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित न रहकर नागरिकों के ‘सशक्तिकरण’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य देशवासियों को विकास की प्रक्रिया में महज एक लाभार्थी बनाने के बजाय सक्रिय भागीदार बनाना है।

लेख की प्रमुख बातें:

  • सक्रिय भागीदारी और क्षमता निर्माण: शासन व्यवस्था अब केवल सुविधाएं देने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की क्षमताओं को बढ़ाने और उन्हें अवसरों से जोड़ने पर केंद्रित है, जिससे वे देश की प्रगति में सीधा योगदान दे सकें।

  • अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सेवाओं की पहुँच: स्वच्छता, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं और आसान ऋण (क्रेडिट) सुविधाओं जैसी पहलों के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक बुनियादी सेवाएँ पहुँचाई जा रही हैं। इससे आम जनमानस के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है और आर्थिक-सामाजिक अवसर बढ़ रहे हैं।

  • विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव: कल्याण से सशक्तिकरण का यह बढ़ता कदम वर्ष 2047 तक ‘विकसित और सशक्त भारत’ के निर्माण का मूल आधार है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया के इस लेख के मुख्य अंशों को साझा करते हुए भारत के इस बदलते और प्रगतिशील शासन मॉडल पर प्रकाश डाला।

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